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यूपी में कड़े प्रावधानों के बीच होंगी कुछ इकाइयों का संचालन
April 16, 2020 • सुरेश चौरसिया

नोएडा। आज प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए उद्योगों के संचालन के संशय की स्थिति को दूर किया है और कहा है कि सतत प्रक्रिया उद्योग जिनके संचालन की अनुमति दी जाती है, उनमें निम्नलिखित उद्योग सम्मिलित होंगे। उनमें स्टील, रिफाईनरीज, सीमेंट, रसायन, उर्वरक, वस्त्र (परिधान छोड़कर ),  फाउंड्रीज पेपर, टायर कॉमन एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट, चीनी मिल बताया गया है।  उपरोक्त यूनिटों को कच्चा माल के परिवहन तथा आवश्यक अनुरक्षण सेवाओं की अनुमति रहेगी। इन इकाइयों में बिना पृथक अनुमति के निम्नलिखित शर्तों के अधीन संचालित हो सकेंगे।

प्रथम चरण में समस्त औद्योगिक इकाइयां न्यूनतम आवश्यक श्रमिकों द्वारा चलाई जाए जिनकी संख्या किसी भी परिस्थिति में 50 से अधिक न हो। यह केवल छूट इकाइयों के संचालन हेतु लागू है। उनके प्रधान कार्यालय, प्रशासनिक कार्यालयों पर लागू नहीं है। विभिन्न जनपदों के हॉटस्पॉट क्षेत्र में जहां सैनिटाइजेशन स्क्रीनिंग की कार्यवाही चल रही है, वहां पर कर्मियों/वाहनों के आने-जाने की अनुमति नहीं होगी।

औद्योगिक परिसर स्थल का भी राज्य सरकार द्वारा गाइडलाइंस के अनुसार सैनिटाइजेशन कराएगा। कार्यस्थल पर आने वाले सभी श्रमिकों को उनकी संख्या के अनुसार स्क्रीनिंग हेतु इंफ्रारेड थर्मामीटर थर्मल उपलब्ध होगी। सभी श्रमिकों के लिए मास्क, सैनिटाइजर, हाथ धोने के लिए साबुन एवं पानी की व्यवस्था के साथ-साथ उत्पादन प्रक्रिया के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के कंसेप्ट को भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

संबंधित जिला प्रशासन, चिकित्सा विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि राज्य सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन एवं पर्यवेक्षण किया जा रहा है। इकाइयों द्वारा यदि सावधानियों का पालन नहीं किया जा रहा है तो उसे बंद करा दिया जाएगा। कोविड-19 की रोकथाम हेतु भारत सरकार, राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी होने वाली एडवाईजरी का पालन किया जाएगा। किसी भी श्रमिक, कार्मिकों वायरस संक्रमण लक्षण दिखाई देने पर अभिलंब जिला प्रशासन विभाग को सुचित करना होगा। ईकाई को प्रारंभ करने के पूर्व न्यूनतम 5 एवं अधिकतम 10 कर्मचारियों का आरटी पीसीआर टेस्ट रेंडम आधार पर करा कर यह सुनिश्चित करना होगा कि इस में इन्फेक्शन नहीं कर रहा है। संबंधित निकाय द्वारा आपदा अधिनियम के अंतर्गत है प्रावधानों का अनुपालन करना होगा। इसके अलावा जिलाधिकारी द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश शर्तों का पालन करना होगा। इकाइयों के स्वामी कर्मचारी मजदूर श्रमिक के पास आवागमन के संबंध में भी निम्नलिखित प्रक्रिया रखी गई है।

इकाई के स्वामी, कर्मचारी, मजदूर, श्रमिक के लिए किसी अलग पास की आवश्यकता नहीं है,  यदि वह कार्यस्थल या कारखाने के परिसर के भीतर अकेले काम करने के उद्देश्य से रह रहे हैं। ऐसे स्टाफ, लेबर कॉलोनी में किसी अन्य उद्देश्य के लिए लॉकडाउन के दौरान घर में रहने की स्थितियां लागू की जाएंगी। अन्य व्यक्तियों के लिए जिन्हें घर से कार्य स्थल तक यात्रा की आवश्यकता पड़ती है उनके संबंध में पूर्व में पास के संबंध में निर्गत प्रक्रिया लागू होगी। श्रमिकों के औद्योगिक परिसर में ही रहने की व्यवस्था पृथक से सुनिश्चित की जाए तथा उनके रहने, खाने दैनिक जीवन यापन की सभी व्यवस्थाएं की जाए। श्रमिकों को पूर्वाहन से सोशल डिस्टेंसिंग का मानक पूर्ण करते हुए लाने ले- जाने की व्यवस्था भी करनी होगी। उदाहरण के तौर पर 18 सीटर बस से 9 यात्रियों  के अर्थात 50  प्रतिशत की क्षमता पर चलाया जाए। कर्मचारी  को लाने, ले जाने के लिए पुल वाहनों के सैनिटाइजेशन व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।