ALL Old New
यूपी के 15 जिलों में 25 मार्च तक लॉक डाउन का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया ऐलान
March 22, 2020 • सुरेश चौरसिया

लखनऊ।  आज कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश के 15 जिले 25 मार्च तक लॉकडाउन कर दिए गए हैं। आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन 15 जिलों के नाम की घोषणा की है। इन 15 जिलों में सोमवार छह बजे के बाद से 25 मार्च तक लाॅकडाउन किया गया है। इसीके साथ ही जनता कर्फ्यू के समय सीमा को यूपी सरकार ने बढ़ा दिया है। वहीं केंद्र सरकार ने रविवार को देश के 75 जिलों में 31 मार्च तक लॉकडाउन घोषित किया है। अब यह रात के नौ बजे नहीं सुबह छह बजे खत्म होगा।

सरकार की ओर से कहा गया है कि जिन जिलों में लॉकडाउन किया गया वहां घबराने की जरूरत नहीं है, जनता को जरूरी सामना मिलता रहेगा। कोरोना वायरस को हराने के लिए मुख्यमंत्री योगी ने पांच बजे पांच मिनट तक घड़ियाल बजाकर प्रदेशवासियों का मनोबल भी उंचा किया।

 उत्तर प्रदेश में अभी तक 28 मामले सामने आए हैं। रविवार सुबह वाराणसी के 30 वर्षीय युवक में कोरोनवायस की पुष्टि हुई थी। बीएचयू में उसके नमूने जांच के बाद कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। यह व्यक्ति 17 मार्च को दुबई से नई दिल्ली फ्लाइट से आया था। उसके बाद ट्रेन से 18 मार्च को वाराणसी पहुंचा था। गौतमबुद्ध नगर में कोरोना से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर अब छह हो गई है। जिले के अधिकारियों ने रविवार को इसकी पुष्टि की है। अल्फा-1 का रहने वाला मरीज अभी हाल में ही दुबई से लौटा था।

तेजी से पांव पसार रहे कोरोना वायरस पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 15 जिलों में लॉकडाउन करने की घोषणा की है।

जनता की सुरक्षा के मद्देनजर राजधानी लखनऊ, आगरा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी, लखीमपुर खीरी, बरेली, आजमगढ़, कानपुर, मेरठ, प्रयागराज, अलीगढ़, गोरखपुर और सहारनपुर जिले 25 मार्च, 2020 तक के लिए लाॅकडाउन कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी रोडवेज की बसें न तो यूपी से बाहर जाएंगी और न ही दूसरे राज्यों की बसें इन जिलों में आ पाएंगी। फिलहाल यह लॉकडाउन 25 मार्च तक लागू रहेगा। जागरूकता के लिए हर ग्राम पंचायत, स्कूलों में जगह-जगह पोस्टर लगाया जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी मंत्रियों को लखनऊ में ही रहने का निर्देश दिया है।

यूपी की जनता को कोरोना वायरस से बचाने के लिए उत्तर प्रदेश में जनता कर्फ्यू को सोमवार सुबह 6 बजे तक बढ़ा दिया गया है। रविवार को गोरखपुर से योगी आदित्यनाथ ने जनता से अपील की है कि रविवार रात को नौ बजे के बाद भी घरों से न निकले। जनता कर्फ्यू की समयसीमा को बढ़ाकर सोमवार सुबह छह बजे कर दिया गया है। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि आने वाले दिनों में भी जनता कर्फ्यू के लिए तैयार रहना होगा। महामारी को हराने और इसके प्रसार को रोकने के लिए यह सबसे अच्छा तरीका है।

यूपी स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस को लेकर आंकड़े जारी किए गए हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश में अब तक 343 लोगों में कोरोना वायरस जैसे लक्षण पाए गए थे। कोरोना वायरस प्रभावित 12 देशों से अबतक 6134 लोग उत्तर प्रदेश लौटे हैं। अब तक वाराणसी और नोयडा समेत अन्य जिलों से 28 लोगों की जांच पॉजिटिव पाई गए थे। इनमें आगरा के 8, गाजियाबाद 2, लखनऊ 8, नोएडा में 6, लखीमपुर खीरी और मुरादाबाद में एक-एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव गए हैं।

 रिपोर्ट में आगरा 7, गाजियाबाद 2 और नोएडा एक समेत 10 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए हैं। 3378 लोगों को 28 दिन के ऑब्जरवेशन पर रखा गया हैं। यूपी के हवाई अड्डों पर अब तक 25683 लोगों की जांच की गई की हैं।

 राजधानी लखनऊ सहित उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जनता कर्फ्यू सुबह 7 बजे से शुरू होकर रात नौ बजे तक रहा, जनता ने अपनी सुरक्षा के महत्व को समझते हुए जनता कर्फ्यू को सिरआंखों पर रखा। आवश्यक सेवाओं से सम्बंधित कर्मचारियों और अफसरों को छोड़कर पूरे प्रदेश की जनता घरों में बैठी रही। मेडिकल स्टाफ समेत तमाम लोगों जो कोरोना वायरस से जनता को बचाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं, उन कोरोना कमांडो के अभिवादन के लिए शाम पांच बजे 5 मिनट के लिए प्रदेश की जनता ने ताली-थाली, शंख-घंटा-घड़ियाल बजाया की पूरे उत्तर प्रदेश का वातावरण गूंज उठा।

  किसी शहर को लॉकडाउन करने का मतलब है कि लॉकडाउन में कोई भी शख्स घर से बाहर नहीं निकल सकता है। पर आवश्यक वस्तुओं के लिए लॉकडाउन में राहत होगी। मसलन, दवा, बैंक, अस्पताल और राशन-पानी की जरूरत के लिए घर से बाहर निकलने की छूट मिलती है। लॉकडाउन एक तरह से आपातकाल व्यवस्था होती है। जनता कर्फ्यू का मकसद कोरोना वायरस से जंग के लिए यह 14 घंटे परीक्षा की घड़ी हैं। जनता कर्फ्यू की सबसे बड़ी यही चुनौती है। घर पर रहना और बाहर निकलने से बचना जरूरी है। जनता का...जनता के लिए...जनता के द्वारा लागू इस कर्फ्यू का मकसद कोरोना वायरस को समुदायों के बीच फैलने से रोकना और संक्रमण की चेन को तोड़ना है। जितने कम लोग घर से निकलेंगे और एक-दूसरे से जितना कम मिलेंगे उतरा ही कोरोना कंट्रोल में रहेगा, इसलिए जनता कर्फ्यू को लागू किया गया है।