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सरकार की सख्ती का असर, दारुल उलूम फिरंगी महल ने जारी किया फ़तवा
April 3, 2020 • सुरेश चौरसिया

लखनऊ।  विश्वव्यापी कोरोना को लेकर पूरी दुनिया में हलचल मचा हुआ है। वहीं भारत में कुछ वर्गों द्वारा सपोर्ट ना किए जाने पर आखिरकार भारत सरकार और उत्तर प्रदेश  की  कड़ाई के सामने यह वर्ग अब झुकता नजर आ रहा है।

यह आवश्यक भी है ताकी धर्म से ज्यादा, पंथ -संप्रदाय से ज्यादा व्यक्ति का जान बचाना बहुत जरूरी है। दकियानूसी सोच और विचार रखकर कोरोना को नहीं हराया जा सकता। जरूरत इस बात की है कि कोरोना को हराने के लिए पब्लिक डिस्टेंस बहुत जरूरी है और इसका पालन करना भी आवश्यक है। इसके बिना कोरोना महामारी को मात देना असंभव है। बहरहाल देर से ही सही, अगरसमय रहते यदि ऐसे लोगों में सद्बुद्धि आ रही है, तो यह कोरोना वायरस से निपटने के लिए भी लाभदायक है।

विश्वव्यापी कोरोना वायरस प्रकोप को लेकर लखनऊ में दारूल उलूम फिरंगी महल ने एक फतवा जारी कर कहा है कि कोरोनो वायरस का परीक्षण और उपचार सभी के लिए महत्वपूर्ण है और इस बीमारी को छिपाना अपराध है। 

मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने अपने जारी फतवे में कहा है कि कोरोना वायरस की जद में आए लोगों को अपना टेस्ट कराना चाहिए और इलाज भी जरूरी है। इस्लाम में एक इंसान की जान बचाना कई इंसानों की जान बचाने जैसा है। इसको छिपाना कतई जायज नहीं है। अगर लोग महामारी में अपना इलाज और टेस्ट नहीं कराते हैं लोग, तो ये बिल्कुल गैरशरई काम है। इस बीमारी को छिपाना अपराध है।

उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने जो निर्देश दिए हैं, उसका पालन करना चाहिए। डॉक्टर ने जो उपाय बताए है, उसका पालन बहुत जरूरी है। हर इंसान को दूसरे की जान बचाने का फर्ज निभना चाहिए। इसको छिपाना एक संगीन जुर्म है। इसमें एतिहात बहुत जरूरी है। मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना फिरंगी महली ने कहा कि खुद की जान और दूसरों की जान खतरे में डालना इस्लाम में मना है।