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सारिका चौरसिया के पिता को एक लाख का चेक देकर चौरसिया सेवा ट्रस्ट ने किया मिशाल पेश
February 25, 2020 • सुरेश चौरसिया

चौरसिया सेवा ट्रस्ट ने सारिका चौरसिया के पिता को 100000 रुपये का चेक देकर किया नजीर पेश, 15 हजार  दिया था पहले
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नई दिल्ली। आज 25 फरवरी को  चौरसिया सेवा ट्रस्ट के सौजन्य से और चौरसिया समाज के लोगों द्वारा सारिका चौरसिया के लिए अनुदान के रूप में दिए गए सहायता राशि का 100000 रुपये का चेक अजय कुमार चौरसिया ने उसके पिता संजय चौरसिया को गंगाराम अस्पताल दिल्ली पहुंच कर सौंपा। इसके पहले भी उन्हें 15000 रुपये का अनुदान पहले ही दिया जा चुका है। 


वाकई यह चौरसिया सेवा ट्रस्ट ने एक नजीर पेश किया है। यह चौरसिया समाज के उन लोगों की ताकत है जो थोड़ी-थोड़ी सहायता देकर अपने समाज की एक बेटी जिसका आज लीवर ट्रांसप्लांट हो रहा है, जिसके एवज में मदद किया है। यह राशि थोड़ी जरूर है, पर यह चौरसिया समाज के उन संगठनों पर भारी पड़ गया है जो मंच, माला, माईक और जय - जयकार के लिए शाही खर्च कर चौरसिया समाज के मशीहा और धनकुबेर कहे जाते हैं।

 वास्तिवकता यह है कि ऐसे शाही लोगों को चंद स्वार्थी लोग अपने स्वार्थ साधने के लिए पैराशूट पर खड़ा कर रखे हैं। जबकि हकीकत सबको पता है कि ऐसे बिजनेस  लोगों को समाज सेवा करने का फुर्सत कहां है? बिहार में कई हत्याएं हो गई, पटना से चौरसिया की एक छात्रा को किडनैप कर लिया गया, जो अबतक घर नहीं लौटी है, उतरी बिहार में चौरसिया का घर जला दिया जाता है और महिला को बेईज्जत किया जाता है, यूपी में समाज की लड़की से बलात्कार होता है, तो ऐसे शाही लोगों ने आवाज़ उठाई क्या ? क्या वे चौरसिया समाज के जनमुद्दे को भी उठाया है? इस साल ठंढ के मौसम में पान की खेती को बहुत नुकसान हुआ, चौरसिया समाज के शाही लोग आवाज उठाया क्या ?  क्या शादी-विवाह, स्वागत समारोह, होली -मिलन तक ही उनका ठेका है, या उससे भी अधिक कुछ करते हैं, या चौरसिया समाज के दबे-कुचले तक मदद का हाथ बढ़ाते हैं या उनके साथ खड़े होते हैं। अगर यह करते हैं, तो निश्चय ही वे समाज के  गौरव हैं और उन्हें दिया गया चौरसिया समाज रत्न सही व्यक्ति को मिला है ? आप इस पर जरूर विचार व मंथन करके देखिएगा !
बहरहाल, इस अनुदान को प्राप्त कर संजय चौरसिया जो वेस्ट बंगाल के दुर्गापुर के निवासी हैं, ने सभी अनुदाताओं को तहे दिल से शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने अपनी बेटी को समाज की बेटी कहकर उसके सफल ईलाज व स्वास्थ्य के लिए दुवाओं की कामना की है।
बता दूं कि जब मैंने सारिका चौरसिया की मदद हेतु एक भावभीनी अपील किया था तो दो शख्स ने अजय चौरसिया पर मुम्बई में 40 लाख व इलाहाबाद में 28-30 लाख रुपये का ठगी करने का आरोप मढ़ा था और मुझसे कहा था कि वह फ्रॉड व्यक्ति है, वह सारिका के बहाने सहयोग राशि को हड़प जाएगा। लेकिन आज हमारे सामने स्थिति दर्पण के मानिंद साफ है, की समाज द्वारा दिया गया अनुदान राशि सही जगह पहुंचा है। अभी उन्हें और मदद करना है। हम चौरसिया समाज के अतिरिक्त अन्य जिन लोगों ने मदद किया है, वह सबसे कीमती सहयोग है। अभी और वर्गों से उन्हें सहयोग राशि मिल रहा है। ऐसे में हम भले सहयोग न करें, पर उसके स्वस्थ होने की मंगल कामना तो कर ही सकते हैं।
अंततः जो दे उसका भी भला और जो न दे उसका भी भला ।