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पिता की मृत्यु की सूचना पर भी योगी टीम 11 के साथ बैठक करते रहे, पिता की अंतिम दर्शन करने पहुंच रहे दिल्ली
April 20, 2020 • सुरेश चौरसिया

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पिता के मृत्यु हो गई है। पिता की मृत्यु की सूचना मिलने के बाद भी योगी आदित्यनाथ टीम 11 के साथ बैठक में कोरोना संबंधी जानकारी प्राप्त करते रहे व कार्ययोजना को आगे बढ़ाने का दिशा निर्देश देते रहे। ऐसे मौके पर उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए राहत देने में आगे आए और पिता की मृत्यु को पीछे छोड़ दिया। हालांकि वे अपने पिता का अंतिम दर्शन करने दिल्ली पहुंच रहे हैं। हालांकि वे अपने पिता की अंतिम संस्कार में भाग नहीं लेंगे।

बता दें कि योगी आदित्यनाथ को सूचना थी कि उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट की तबीयत अत्यंत गंभीर है। सीएम योगी आदित्यनाथ को पिता के निधन की जानकारी मिली तो उस दौरान वो टीम 11 की बैठक ले रहे थे। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद सीएम की आंखें कुछ देर के लिए नम हो गई। इसके बावजूद अधिकारियों के साथ सीएम की होनी वाली बैठक जारी रही। सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ से गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस के लिए रवाना होगे। इसके बाद सड़क मार्ग से एम्स नई दिल्ली जाकर पिता के पार्थिव शरीर का दर्शन करेंगे। एम्स दिल्ली से उनको एयर एम्बुलेंस से उनके पैतृक गांव में शिफ्ट करने की तैयारी के बीच ही उनका निधन हो गया। वह एम्स के गेस्ट्रो आईसीयू में एडमिट थे। 

सीएम योगी आदित्यनाथ को सूचना थी कि उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट की तबीयत अत्यंत गंभीर है। एम्स दिल्ली से उनको एयर एम्बुलेंस से उनके पैतृक गांव में शिफ्ट करने की तैयारी के बीच ही उनका निधन हो गया। वह एम्स के गेस्ट्रो आईसीयू में एडमिट थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 89 वर्षीय पिता आनंद सिंह बिष्ट की तबीयत खराब होने पर उन्हें 13 अप्रैल को दिल्ली स्थित एम्स में भर्ती कराया गया था। वरिष्ठ डाक्टरों की टीम उनके इलाज में लगी थी। सीएम योगी आदित्यनाथ के पिता को लिवर और किडनी की समस्या थी। वह एम्स के एबी 8 वार्ड में भर्ती थे। उन्हें वेंटिलेटर पर रख गया थी। रविवार को उनकी डायलिसिस भी कराई गई थी। शरीर के कई अंगों ने काम करना कम कर दिया थी। उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। 

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज अपने कार्यालय लोकभवन में कोर टीम की बैठक के में अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोटा से आने वाले सभी बच्चों का होम क्वारंटाइन कराना सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने के बाद ही बच्चे घर जाएं, उन्होंने कहा कि जिन मेडिकल कॉलेजों में टेस्टिंग लैब नहीं है, वहां टेस्टिंग लैब तत्काल स्थापित करने की व्यवस्था की जाए।