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फोर्टिस हॉस्पिटल ने भारी दवाब में आकर 14 लाख के बिल को लेकर डॉ का रोका शव परिजनों को सुपुर्द किया
June 29, 2020 • सुरेश चौरसिया

नोएडा। 14 लाख रुपए न मिलने के कारण नोएडा के प्रतिष्ठित फोर्टिस अस्पताल ने डॉ प्रवीण के शव को बंधक बनाकर रखा हुआ था। आज भारी दवाब के बीच फोर्टिस हॉस्पिटल ने शव को परिजनों को सौंप दिया है। ऐसे में  सवाल उत्पन्न होता है कि  जब  एक डॉक्टर ही  दूसरे  डॉक्टर के  इस मानवीय संवेदना पर  इतना घटिया  रवैया अपना सकता है  तो  साधारण आम लोगों के साथ इन हॉस्पिटलों में  क्या होता होगा ?

  हालांकि  सबको जानकारी है कि मल्टी प्लेस  के रूप में  बने इन हॉस्पिटलों में  सिर्फ  और सिर्फ  लूट का  बड़ा  धंधा  खेला जाता है।  साधारण  मरीजों  के साथ इनकी मानवीय वेदना नहीं जागती है।  लाखों के बिल  बनाना इनके लिए आम बात है।

हालांकि इनकी पैठ इतनी तगड़ी है  की गाहे-बगाहे  विवाद के मामले सामने  आने पर भी इनका कुछ नहीं बिगड़ता। प्रशासन चाह कर भी इनमें दखल नहीं देता क्योंकि यह राजनीति के बड़े आकाओं  से जुड़े हुए लोग हैं और कहते हैं कि  वह  अपनी पैठ जमाने के लिए उन्हें मोटी मोटी चंदे देते हैं इसलिए उनका कुछ नहीं बिगड़ता । पर एक इंसान के साथ इस तरह का रवैया क्या मानवीय संवेदना को तार-तार नहीं कर रहा है

बताया गया है कि इस बाबत परिजनों ने कई बार जिलाधिकारी से फोन करने का भी प्रयास किया पर जिलाधिकारी फोन नहीं उठा पा रहे थे। आज समाजवादी पार्टी के कई नेताओं ने देवेंद्र सिंह अवाना के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय में गुहार भी लगाई।

 सेक्टर 11 निवासी डॉ परवीन जो कि भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भी रहे हैं उनका कोरोनावायरस होने के बाद कल रात इंतकाल हो गया। फोर्टिस अस्पताल में उनका उनका 14 लाख रुपया का बिल बना दिया। डॉ  परवीन के परिजनों का कहना था कि उनके पास कफन  तक को पैसे नहीं है। ऐसे में वे 14 लाख का बिल कहां से भरे।  इसको लेकर क्षेत्र के लोगों तथा खासकर अल्पसंख्यक समाज में काफी आक्रोश देखा गया।  सपा मजदूर सभा के प्रदेश महामंत्री देवेंद्र सिंह अवाना ने बताया कि कल से उनका पूरा परिवार लाश के इंतजार में सभी से गुहार लगा रहा था, लेकिन कोई नहीं सुन रहा था।