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पतंजलि युवा भारत ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए स्प्रिंग मीडोज नोएडा एक्सटेंशन में लगाया योग चिकित्सा शिविर
March 7, 2020 • सुरेश चौरसिया

नोएडा।  पतंजलि युवा भारत दिल्ली एनसीआर ने विभिन्न देशों की भांति भारत में भी तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस से बचाव एवं इसके प्रति जागरूकता के लिए योग चिकित्सा शिविर का आयोजन स्प्रिंग मीडोज नोएडा एक्सटेंशन में कराया।

 मुख्य योग शिक्षक सचिन कुमार ने बताया करोना वायरस शरीर के रेस्प्रेट्री सिस्टम पर सीधा अटैक करता है और फिर सरकुलेशन सिस्टम से लेकर हॉट एवं ब्रेन तक को ध्वस्त कर देता है, हमारे देश में वायरल इंफेक्शन एवं बैक्टीरियल इनफेक्शन पर विभिन्न प्रकार के प्रयोग हो चुके हैं और उन पर सकारात्मक प्रभाव देखने में आए हैं, करोना वायरस सबसे ज्यादा चाइना में फैला है और दुनिया के 50 से अधिक देश इस रोग से ग्रसित हैं। भारत भी इस वायरस से अछूता नहीं रहा है। पिछले कुछ समय से भारत के विभिन्न शहरों में इसके रोगी पाए गए हैं और इसका सफलतम इलाज भी केरल के कुछ मरीजों पर योग आयुर्वेद के माध्यम से होना बताया जा रहा है। गिलोय, तुलसी, काली मिर्च एवं हल्दी को उबालकर यदि उसका काढा पीते हैं तो उससे करोना वायरस के लक्षणों में तुरंत असर करता है, इससे हमारी इम्युनिटी बढ़ती है, रेसप्रेटरी सिस्टम स्ट्रांग होता है और इस वायरस से बचाव होता है। गिलोय एक अद्भुत औषधि है जो अपने आप में किसी भी वायरस को खत्म करने की क्षमता रखती है इसलिए यदि गिलोय के साथ तुलसी काली मिर्च और हल्दी का हम उपयोग करते हैं तो इससे बचाव हो सकता है।

 करोना वायरस से बचाव के लिए सबसे पहले हमारा इम्यूनिटी सिस्टम स्ट्रांग होना बहुत जरूरी है क्योंकि कोई भी वायरस लो इम्यूनिटी वालों पर ही सबसे पहले अटैक करता है, सबसे पहले भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम विलोम, भ्रामरी एवं उदगीत प्राणायाम करना आवश्यक है जिससे कि हमारी इम्यूनिटी सिस्टम को बूस्ट किया जा सके। करोना वायरस 8-9 साल तक के बच्चे एवं 50-60 साल से ऊपर वाली उम्र के व्यक्तियों पर बहुत तेजी से असर करता है, इस वायरस से बचाव के लिए साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है, किसी भी प्रकार के खांसी, जुखाम, बुखार एवं अन्य किसी भी रोग को नजरअंदाज ना करें एवं उपयुक्त सावधानियां बरतें। करोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए मास्क एवं सैनेटाइजेशन के प्रोडक्ट्स की मांग भी बढ़ गई है। यदि मास्क उपलब्ध नहीं है तो साधारण धुले हुए रुमाल को भी नाक पर बांधकर उपयोग में लाया जा सकता है एवं सैनेटाइजेशन के लिए नीम के पत्ते को उबालकर  उसमें कपूर मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। सभी साधकों ने करोना वायरस के कहर को देखते हुए बड़ी गंभीरता से सभी जानकारियां ली एवं बताए गए प्राणायाम को करना सीखा। पतंजलि युवा भारत नोएडा एक्सटेंशन प्रभारी सार्थक प्रकाश, स्प्रिंग मीडोज प्रभारी अर्जुन, सचिन, नीरज, उपेंद्र, मनीष पांडे, रश्मि, राजीव वर्मा, पूनम,  योगेश यादव एवं अन्य ने सहयोग किया।