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नोएडा प्राधिकरण जल राजस्व को बढ़ाने के लिए बड़े बकायेदारों पर करेगा कार्रवाई
March 5, 2020 • सुरेश चौरसिया

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण द्वारा विभिन्न विभागों के साथ प्राप्तियों के संबंध में भी समीक्षा की जा रही है। जल विभाग की समीक्षा के दौरान प्राधिकरण के जल राजस्व के मद में देय धनराशि का भुगतान अधिकांश आवंटियों द्वारा नहीं किए जाने से काफी अधिक देनदारी लंबित हो गई है।

इस बाबत नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु महेश्वरी ने बड़े बकायेदारों को प्राधिकरण के जल राजस्व के मद में देय धनराशि जमा कराए जाने हेतु नोटिस/ मांग पत्र जारी किए जाने का आदेश दिया है। साथ ही 5 लाख से बड़े बकायेदारों के विरुद्ध धनराशि जमा न कराए जाने पर उनपर सख्त कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए हैं।

सीईओ ने कहा कि जल राजस्व विभाग द्वारा कार्यवाही की गई बकायेदारों को नोटिस जारी कराया गया तथा बड़े बकायेदारों द्वारा धनराशि जमा कराए जाने पर उनके जल कनेक्शन को काट दिया गया। लोगों को सहूलियत एवं लाभ दिए जाने हेतु  अमनेस्टी की योजना भी लाई गई जिससे लोगों को प्राधिकरण की देनदारी जमा कराए जाने हेतु प्रोत्साहित भी किया गया।

प्राधिकरण द्वारा उठाए गए इस कदम से आवंटियों द्वारा प्राधिकरण की राजस्व के मद में धनराशि जमा कराए जाने का उत्साह भी देखा गया जिसे प्राधिकरण को वर्ष 2019-20 हेतु निर्धारित लक्ष्य 60 करोड़ के सापेक्ष फरवरी 2020 तक 96.5 करोड़ की राजस्व प्राप्ति हुई है। पिछले वित्तीय वर्ष में प्राधिकरण को 83. 20 करोड़ की प्राप्ति हुई थी। इस इस वित्तीय वर्ष में अभी तक जो जल राजस्व प्राप्त हुआ है वह पिछले पूर्ण वित्तीय वर्ष के अपेक्षा 22% अधिक है तथा इसमें और वृद्धि होने की संभावना है।

इसी तरह सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा विभिन्न विभागों सरकारी विभागों संस्थाओं को भी किराए पर संपत्ति का आवंटन किया गया है, परंतु इनके द्वारा भी लंबे समय से प्राधिकरण की देयताओं को जमा नहीं कराया गया है जिस कारण इन संस्थाओं पर प्राधिकरण की देयता लंबे समय से लंबित रही है। इस वित्तीय वर्ष में संपत्तियों से वसूली का लक्ष्य 1.90 करोड़ निर्धारित किया गया था। समस्त संस्थानों से प्राधिकरण की धनराशि जमा कराने हेतु नोटिस जारी किए गए तथा बड़ों के विरुद्ध आरसी जारी किए जाने की कार्रवाई भी की गई। इस वित्तीय वर्ष में फरवरी माह  तक 38. 88 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य से लगभग 1525.26% अधिक रही है।