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नोएडा/ ग्रेटर नोएडा के फैक्ट्री श्रमिकों का पलायन शुरू : चौधरी
May 16, 2020 • सुरेश चौरसिया

नोएडा। मजदूरों कि समस्या से हर कोई वाकिफ है। उत्तरप्रदेश सरकार ने श्रमिक कानून को समाप्त कर दिया है, जिससे मजदूर अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है। दूसरी तरफ मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है, उद्योगपतियों द्वारा अप्रैल माह की सैलरी नहीं देने के कारण लोगों की माली हालत खराब हो गया है।अभी तक असंगठित क्षेत्रों के मजदूरों का पलायन सबसे ज्यादा हुआ है। यह बातें प्रवासी श्रमिक संघ के संयोजक नोएडा वी .के. चौधरी ने कही।

उन्होंने बताया कि अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा से फैक्ट्री के श्रमिकों, क्रमचारियो का पलायन शुरू हो गया है। श्रमिक अपने राज्य जिला में वापसी का मन बना चुके हैं। अभी तक जो कुछ भी हुआ वह श्रमिकों को झकझोर दिया है। इस समय मजदूर राशन, किराया, बच्चो की पढ़ाई कैसे करेगा, एक बड़ा सवाल बन कर खड़ा है?

आज प्रवासी मजदूर कितना मजबूर हो गया है। रोजी- रोटी की तलाश में आया मजदूर अपना जन बचाकर पैदल ही अपने घर वापसी कर रहा है। सरकार के द्वारा इनके घर वापसी के लिए भी कोई साधन नहीं किया गया। जिस प्रकार पलायन जारी है, आने वाले समय में मजदूरों की भारी किल्लत होगी, जिसका असर सीधा उद्योग जगत पड़ पड़ेगा। अगर सरकार और उद्योगपतियों द्वारा उचित सहायता नहीं दिया तो भरी संख्या में पलायन होगा। सरकार अपना मजदूर विरोधी आदेश वापस ले, अन्यथा इसकी भरी कीमत उद्यगपतियों को चुकाना पड़ेगा।