ALL Old New
कृषि के लिए एक ऐसे मॉडल की जरूरत है जिससे किसानों की परेशानी कम हो : गिरिराज सिंह
February 16, 2020 • सुरेश चौरसिया

नोएडा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए हमें औद्योगिक इकाई चाहिए। देश में ऐसा मॉडल बनाने की आवश्यकता है जिससे किसानों की परेशानी कम हो। यह बात शनिवार को पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन मंत्री गिरिराज सिंह नोएडा सेक्टर 167 स्थित आद्या फार्म में आद्या ऑर्गेनिक एंड मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित तीन दिवसीय मल्टी लेयर फार्मिंग प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन कहीं।

उन्होंने कहा कि भारत में हमने किसान को फटेहाली  हालात में ही देखा है। किसानों की आय को बढ़ाना है तो गोवंश और पशुधन के नामकरण के पचड़े में न पड़ कर हमें कार्य करने की जरूरत है। सच्चाई यह है कि देशी गाय या विदेशी गाय यह सब किसानो के हाथ है। किसानो के आय बढ़ाने के लिए हमें औद्योगिक इकाई बनानें चाहिए। हमें ऐसे मॉडल लाने की जरूरत है जो किसान कि परेशानी को दूर कर सके। हमे वैज्ञानिक विधि से जमीन को ध्यान में रख कर क्रॉप्स को भी चुनना होगा।

पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन मंत्री ने श्री सिंह ने कहा कि सच्चाई तो यह है कि किसान के हाथ में पैसा चाहिए चाहे वह कोई भी गाय से मिले। इसलिए देशी और विदेशी गाय के पचड़े में हमें नहीं पड़ना चाहिए। हम किसानो के पशुधन से मिले गोबर को 10 रूपए प्रति किलो भाव से खरीदेंगे। उसपर 50 रूपए अधिक जानवरों के भोजन के लिए देंगे। हमारे देश के अधिकतर जानवर बुचर खाने में है।

 पशुपालन, डेयरी और मत्स्यपालन मंत्री के अनुसार भारत में 2011 के डाटा के अनुसार पर कैप्ता जमीन 0.11 प्रतिशत थी। गांव के प्रधान को भले ही 100 बीघा जमीन हो लेकिन प्रति व्यक्ति तो इतना ही है। विश्व 180 देश ऑर्गेनिक खेती करते है, जिस में भारत का हिस्सा 30 प्रतिशत है। भारत में इस मामले में जागरूकता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कहने के बाद आई। गिरिराज सिंह ने राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा को धन्यवाद कहते हुए कहा कि देश में किसानो के लिए कुछ कर रहे हैं, सब कहते है देश गांव में बसता है लेकिन गांव काला होता गया है और शहर लाल। गांव से पलायन कर लोग शहरों में पलायन कर रहे हैं।

इस मौके पर राज्य सभा सांसद आरके सिन्हा ने कहा कि देश में लोग बीमार हो रहे हैं। इसको रोकने के लिए जैविक खेती की तरफ जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि गिर गाय जो कि भारत के गुजरात का नश्ल है वह गुजरात में 10 हजार है और ब्राजील में 70 लाख। यह बहुत बड़ी विडम्बना है कि हमने उसके महत्व को नहीं समझा।

जैविक खेती एक्सपर्ट दीपक रनवेडे ने कहा कि हमे देशी गाय को अपनाने की जरुरत है, क्योंकि बहुत से औषधि हम गो मूत्र से बना सकते हैं। देशी गाय का दूध बीमारी से रहित होता है।

मल्टी लेयर फार्मिंग एक्सपर्ट आकाश चौरसिया ने बताया कि भारत में किसानो की सबसे बड़ी चुनौती खेत में खर पतवार का उगना, बिडी साइट्स है से बचना है। भारत में इतनी गाय नहीं बची है जो जैविक खाद के लिए पूर्ण हो। उन्होंने कहा कि हमे गोबर की क्वालिटी एवं क्वांटिटी बढ़ाने की जरुरत है। इसके लिए हमें मल्टी लेयर फार्मिंग की तरफ जाना होगा। इस से हम 5 लाख से 6 लाख रुपए प्रति एकड़ कमा सकते हैं,  वो भी कम लागत में।

उल्लेखनीय है कि नोएडा के सेक्टर 167 स्थित आद्या फार्म हाउस में 14 से 16 फरवरी तक आद्या ऑर्गेनिक एंड मिल्क प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तीन दिवसीय मल्टी लेयर फार्मिंग प्रशिक्षण शिविर चल रहा है।