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क्रिकेटर कपिलदेव की उपस्थिति में हुआ एचसीएल ग्रांट के पांचवें संस्करण का आगाज़
March 1, 2020 • सुरेश चौरसिया

नोएडा। एचसीएल टेक्नोलॉजीज कि कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व सीएसआर शाखा एचसीएल फाउंडेशन ने गुरुवार को क्रिकेट के महान खिलाड़ी एवं भूतपूर्व कप्तान एवं पद्म विभूषण से सम्मानित कपिल देव की उपस्थिति में एचसीएल ग्रांट के पांचवें संस्करण के प्राप्त कर्ताओं की घोषणा की।


 ज्ञात हो कि एचसीएल ग्रांट भारत की सबसे बड़ी और सबसे प्रतिष्ठित संस्थागत सीएसआर ग्रांट में से एक है जिसका लक्ष्य फिफ्थ एस्टेट गैर सरकारी संगठनों के उद्भव को सम्मानित करना और देश के ग्रामीण समुदायों तक पहुंचने वाली उनकी परिजनों को सहयोग देना है।

इस अवसर पर एचसीएल के संस्थापक एवं चेयरमैन शिव नादर, एचसीएल टेक्नोलॉजी की वाइस चेयरपर्सन और उसकी सीएसआर की चेयरपर्सन शुरू श्री रोशनी नादर मल्होत्रा और एचसीएल के मुख्य वित्तीय अधिकारी प्रतीक अग्रवाल के अलावा वरिष्ठ अधिकारी, एनजीओ भागीदार और एचसीएल का नेतृत्व शामिल रहा।

एचसीएल ग्रांट 2000 में शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यावरण पर काम करने वाले एनजीओ में से प्रत्येक को 5 करोड़ का अनुदान मिला। तीन श्रेणियों के फाइनलिस्ट में से प्रत्येक को 25 लाख मिले। इस प्रकार अनुदान 16.5 करोड़ रहा।
 फाइनलिस्ट और विजेताओं को चयन एक प्रबुद्ध निर्णायक मंडल ने किया जिसकी अध्यक्षता रॉबिन अम्बरामस की जो सीएलजी मेंबर ऑफ द बोर्ड हैं। 

इस मौके पर कपिल देव ने कहा कि समाज के हर स्तर से आने वाले लोगों को समान अवसर देना अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण भारत के विकास लक्ष्यों के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ शामिल हैं और ग्रामीणों पर प्रभाव छोड़ रहे हैं। उससे मैं बहुत प्रभावित हूं। पहचान की प्रक्रिया की मजबूती भी मैंने पहले कभी नहीं देखी।
मैं  एचसीएल विजेताओं और फाइनलिस्टस को उनके क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए अभूतपूर्व कार्य के लिए बधाई देता हूं।

एचसीएल ग्रांट की शुरुआत 2015 में हुई थी और विगत वर्षों में विशेष सहयोग जमीनी स्तर की मजबूती और स्थाई विकास के लिए उत्कृष्ट कार्य है। वर्तमान में एचसीएल ग्रांट ने 51.5 करोड़ दिए हैं। जिससे लगभग 5 लाख लोगों को लाभ हुआ है और इससे सहयोग प्राप्त परियोजनाओं का लक्ष्य देश के 13 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश के 75 सौ गांवों के लगभग 1 मिलियन लोगों को लाभ देना है।

 एचसीएल टेक्नोलॉजीज की वाइस चेयरपर्सन और एचसीएल टेक्नोलॉजीज की सीएसआर कमेटी की चेयरपर्सन सुश्री रोशनी नादर मल्होत्रा ने कहा कि एक फ़ाउंडेशन सामाजिक विकास के लिए हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है और आज उसने हमारे देश के लगभग 1. 5 मिलियन लोगों का जीवन बेहतर किया है। अपने गठबंधन वाले मॉडल से हम तुरंत ध्यान चाहने वाले गंभीर मुद्दों से जूझ रहे समुदायों को सहयोग करते हैं और एचसीएल ग्राम इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। यह कहते हुए मुझे गर्व है कि आज एचसीएल ग्राउंड के पार्टनर एनजीओ ने लाभार्थियों के जीवन को प्रभावित किया है और राज्यों तथा केंद्र सरकार की नीतियों को प्रभावित कर लंबी अवधि का स्थाई बदलाव सुनिश्चित किया है।

इस अवसर पर एचसीएल फाउंडेशक निदेशक सुश्री निधि पुंडीर ने कहा यह साल हमारे लिए बहुत खास है क्योंकि बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध एनजीओ को सशक्त करते हुए हमें आधा दशक हो चुका है। यह वार्षिक एचसीएल ग्रांट इवेंट जैसे पार्टनर्स की पहचान करने के हमारे एक वर्षीय प्रयासों का समापन है जो अपनी सामाजिक विकास परियोजनाओं के माध्यम से अधिकतम प्रभाव उत्पन्न करने की क्षमता रखते हैं। देश के सभी भागों से आवेदन प्राप्त कर हम सम्मानित हैं और विजेताओं को मैं हृदय से बधाई देती हूं, जिन्होंने हमें उनके साथ जुुड़ने और प्रभावी सकारात्मक बदलाव की युक्तियों को सहयोग देने का अवसर दिया है।
इस कार्यक्रम के दौरान यह फाउंडेशन ने पिछले वर्ष के फाइनलिस्ट और विजेता एनजीओ का संक्षिप्त वर्णन भी जारी किया जिसका शीर्षक था फिफ्थ एस्टेट एनजीओ ट्रांसफॉर्मिंग रूरल इंडिया इन एनवायरमेंट हेल्थ एंड एजुकेशन।

एचसीएल ग्रांट की एक पहल एचसीएल टेक्नोलॉजीज की सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण में योगदान को सम्मानित करने की दिशा में एक कदम है। यह एचसीएल कि इस प्रतिबद्धता की शुरुआत 2015 में स्थाई सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए हाशिए पर खड़े अलग-अलग और विकासशील ग्रामीण समुदाय तक पहुंचने शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में कायाकल्प को मजबूत करने की विधि संगठनों को उनकी युक्ति युक्ति को क्रियान्वित करने योग्य परियोजनाओं में बदलने की उनकी योग्यता के आधार पर सम्मानित करती है, ताकि ग्रामीण भारतीयों के जीवन में स्थाई बदलाव हो सके।