ALL Old New
कोरोना वायरस को लेकर भारत में संस्पेंस बरकरार, राजनीति भी शुरू
March 4, 2020 • सुरेश चौरसिया

नई दिल्ली। भारत में भी कोरोना वायरस का खतरा बढ़ गया है. लोग दहशत में हैं। बड़े पैमाने पर मास्क औने -पौने दामों पर बेचे जा रहे हैं। लोग भावी खतरे को देखते हुए ईलाज के लिए देशी दवाओं को खरीद कर अपने पास रख रहे हैं। कुछ लोग इसे कमाई का साधन भी बनाने में लगे हुए हैं। हर तरफ कैरोना वायरस की चर्चा है। कुछ लोग एक दूसरे से इसके बारे में जान समझ रहे हैं। तो कुछ लोग लोगों को डरा भी रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक दिल्ली, तेलंगाना के बाद जयपुर में भी एक मरीज का पता चला है. इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने स्वास्थ्य मंत्रालय की एडवाइजरी का हवाला देते हुए कहा है कि इटली, ईरान, दक्षिण कोरिया, जापान के नागरिकों को तीन मार्च या उसके बाद जारी किए गए सभी नियमित वीजा या ई-वीजा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. दूसरी ओर चर्चा यह शुरू हो गई है कि इस जानलेवा वायरस का कोई इलाज है या नहीं. अगर इलाज है तो क्या है और इसका वैक्सीन कितने दिनों में सामने आएगा. इस बारे में  WHO की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने कहा, भारत ने शुरू में काफी तेजी से काम किया है. चीन से जितने भी छात्र आए, एयरपोर्ट पर उनकी स्क्रीनिंग की गई. कई लोगों को क्वैरनटीन में रखा गया. उनमें से कुछ मरीज मिले भी जिनमें तीन केरल से थे और वे अब ठीक हो गए. लेकिन अब ये आपदा दूसरे फेज में चली गई है. शुरू में सारे मामले चीन के वुहान से आ रहे थे, अब स्थिति यह है कि यह वायरस फैल गया है और 75 देशों में इसके मामले सामने आए हैं. इसलिए हमें रणनीति बदलनी पड़ेगी. हमलोग जो एंटी स्क्रीनिंग कर रहे हैं, उसे सिर्फ उन देशों में ही नहीं किया जाना चाहिए जहां हमें मालूम है कि वहां यह बीमारी है. अभी आने वाले सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जानी चाहिए. उनसे पूछना चाहिए कि कहां-कहां से वे लोग यात्रा करके आ रहे हैं. भारत के अंदर निगरानी सिस्टम को बढ़ाना चाहिए. भारत के अंदर हमारे जो सर्विलांस नेटवर्क बने हुए हैं, उनका भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए. कोई भी संदिग्ध केस दिखे तो वहां जाकर जांच करनी चाहिए.

बहरहाल, नोएडा में कोरोना वायरस संक्रमिक व्यक्ति के संपर्क में आने वाले 6 लोगों के टेस्ट के नतीजे नेगेटिव आए हैं, लेकिन उनको अगले 14 दिनों के लिए घर में क्वारंटाइन में रखा जाएगा। अगर उनमें लक्षण दिखते हैं तो उनका दोबारा टेस्ट किया जाएगा. यहां भी मामले पर पूरी सतर्कता बरती जा रही है.

कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली की लापरवाही पूरे देश पर भारी पड़ रही है. जयपुर में इटालियन पर्यटक कोरोना वायरस का पॉजिटिव पाया गया है. उसकी पत्नी का केस भी संदिग्ध है. रिपोर्ट के मुताबिक ये लोग दिल्ली एयरपोर्ट से होते हुए जयपुर पहुंच गए, मगर वहां पर किसी ने इनकी स्क्रीनिंग नहीं की.

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने मामला उठाया है कि दिल्ली में केंद्र सरकार कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास करे, ताकि वह देश के दूसरे हिस्सों में नहीं फैले.

इटली के जिस पर्यटक में कोरोना वायरस पाया गया है. वह दिल्ली से बस से जयपुर पहुंचा और फिर आगरा तक पहुंच गया. राजस्थान सरकार ने केंद्र सरकार को इसकी जानकारी दे दी है और कहा है कि दिल्ली में एयरपोर्ट पर इनकी स्क्रीनिंग नहीं की गई. इटली से बड़ी संख्या में भारतीय भी जयपुर लौटे हैं जिनसे आज तक ने बातचीत की तो पता चला कि दिल्ली एयरपोर्ट पर उनकी स्क्रीनिंग नहीं की गई.

इन लोगों ने इटालियन पर्यटक के अंदर कोरोना वायरस पॉजिटिव होने के बाद सरकार से खुद संपर्क साधा तो सरकार ने एहतियातन इन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इनका सैंपल जांच के लिए पुणे भेजा है.

इटली के मिलान में फैशन डिजाइनिंग करने वाली एक छात्रा ने कल शाम राजस्थान सरकार से संपर्क किया कि वह इटली से जयपुर पहुंच गई है और अपनी जांच कराना चाहती है. उसने भी राज्य सरकार को बताया है कि दिल्ली में एयरपोर्ट पर उसकी कोई स्क्रीनिंग नहीं की गई है. इस विदेशी पर्यटक के अंदर कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया है वह पिछले कई दिनों से राजस्थान घूम रही थी और उसके संपर्क में कई लोग आए हैं जिसकी वजह से लोगों में दहशत है.

राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने कहा कि कि राज्य में कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों पर रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर दिया गया है. राजस्थान सरकार ने अब हवाई और सड़क के अलावा रेल मार्ग से आने वाले सभी विदेशी पर्यटकों की स्क्रीनिंग करने के आदेश दिए हैं.