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किसानों के मुद्दे पर प्राधिकरण का अपना तर्क, आज किसानों ने कराया मुण्डन संस्कार
February 26, 2020 • सुरेश चौरसिया

नोएडा। नोएडा विकास प्राधिकरण और किसानों के बीच चार मुद्दों को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। किसान धरना -प्रदर्शन कर रहे हैं। नंग प्रदर्शन से लेकर मुंडन तक प्रयोग कर रहे हैं, पर, मामला दोनों पक्षों के बीच फंसा हुआ है। प्राधिकरण का अपना तर्क है, जबकि किसान अपनी बात पर अड़े हुए हैं। 


सबसे पहले किसानों की चार बड़ी मांग है, जिसे प्राधिकरण सहर्ष स्वीकार नहीं कर रहा है। किसानों की मांग है-
1. आबादी जैसी है, जहां है, के आधार पर छोड़ी जाय।
2. 10 ℅ भूखंड 5℅ +5℅ व 64, 7℅ अतिरिक्त मुआवजे का निस्तारण तत्काल किया जाय।
3.  गांवों में अव्यवहारिक भवन नियमावली को निरस्त किया जाय।
4.  1977 से 1997 तक के किसानों को किसान कोटे के प्लॉट अतिशीघ्र दिया जाय।
ये किसान के चार मुख्य मांग है, जिसको लेकर वे प्राधिकरण के मार्ग को घेर लिया है और धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस बाबत किसानों के प्रतिनिधियों और प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु महेश्वरी और उनके अधिकारियों से 18 फरवरी 2020 को प्राधिकरण कक्ष में वार्ता हो चुकी है। लेकिन किसान उस वार्ता से संतुष्ट नहीं हो सके। वार्ता विफल होने के बाद किसान धरने की मोर्चा संभाल रखा है।
उधर, नोएडा प्राधिकरण द्वारा कहा गया है कि कुछ किसानों द्वारा किसानों को बरगलाकर वार्ता को विफल करार दे दिया गया है। धरने में शामिल ऐसे लोग शामिल हैं जो कृषकों के नाम पर पर मनमानी कर रहे हैं।
प्राधिकरण द्वारा कहा गया है कि किसानों के अबतक अर्जित भूमि के सापेक्ष 5℅ आबादी भूखंड के 51 ग्रामों में तकरीबन 153.5084 हेक्टेयर भूमि किसानों के पक्ष में आवंटित किया गया है। दिनांक 30 मार्च 2002 से 31 मार्च 2014 तक किसानों के साथ आपसी समझौते से क्रय भूमि के सापेक्ष सभी काश्तकारों को 64.70 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर के मद में लगभग 1800 करोड़ वितरित किया गया है।
प्राधिकरण के अनुसार उच्च व उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के तहत 16 गांवों की कृषक को अर्जित भूमि के एवज में 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड/ 10 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड के समतुल्य लगभग 527.15  करोड़ वितरित किये गए हैं। 
जुलाई 1919 के पश्चात से 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के समतुल्य 16 ग्रामों में 150 किसानों को 31.18 करोड़ दिए गए हैं। अबतक 12 ग्रामों में लगभग 42 किसानों को 3914.77 वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई है तथा 17.15 करोड़ 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखण्ड /10 प्रतिशत विकसित आबादी के समतुल्य अबतक वितरित हुए हैं।

प्राधिकरण के मुताबिक ग्रामीण आबादी स्थल विनियमावली 2011 में प्रावधानों के तहत समिति गठित कर अबतक कुल 23 गांवों में 5535 किसानों की लगभग 681270 वर्ग मीटर भूमि का विनियमिकरण किसानों के पक्ष में किया गया है।
वर्तमान में ग्राम बदौली बांगर एवं मोरना में आबादी विनियमितीकरण हेतु प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण हेतु गठित समिति के समक्ष 23 फरवरी 2020 को प्रस्तुत किया गया है।
प्राधिकरण ने कहा है कि वर्तमान में नोएडा के पास लैंड बैंक नहीं है। जबकि क्षेत्र का विकास अपने संसाधनों से कर रहा है। साथ ही किसानों के नाम पर कुछ लोग प्राधिकरण की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। इसमें सरकारी क्रय की गई भूमि अथवा अधिसूचित भूमि शामिल है, जिसका दुरुपयोग किया जा रहा है।इससे ग्रामों के सुनियोजित विकास में बाधा उत्पन्न हो रहा है। दूसरी ओर अतिक्रमण के कारण गांवों की गलियां संकरी हो गई है। वहां आपदा की स्थिति में समुचित राहत पहुंचना मुश्किल होगा। साथ ही गांवों में सीवर नाला आदि ओवर फ्लो रहता है जिसके कारण समुचित सफाई नहीं हो पाता क्योंकि सीवर व नालों तक लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है।
प्राधिकरण का यह भी कहना है कि ग्रामों में सड़कों / आरसीसी, नाली , स्ट्रीट लाइट, सीवर का निर्माण  एवं अनुरक्षण किया जा रहा है। साथ ही महत्वपूर्ण परियोजनाओं में हिस्सेदारी भी दी जा रही है। चाहे सर्फाबाद में स्टेडियम का निर्माण हो या बरौला में पार्क का निर्माण, होशियारपुर में बालिका इंटर कॉलेज, ग्रामों में शौचालय एवं मूत्रालय, समुदाय केंद्रों का निर्माण किया गया है। प्राधिकरण ओपेन जिम भी लगा रहा है।

उधर किसान 30/7/2011 के मंत्री व सरकारी अमला के साथ हुए समझौते के तहत अपनी मांगों को बुलंद कर रखा है।