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हार्ट का ऑपरेशन अब बिना सर्जरी के संभव : डॉ. विवेका कुमार
February 15, 2020 • सुरेश चौरसिया

नोएडा। हृदय रोगियों के लिए वाल रिप्लेसमेंट का ईलाज अब  सर्जरी किये बिना संभव हो गया है। यह जानकारी आज नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. विवेका कुमार, वरिष्ठ निर्देशक हृदय रोग विभाग मैक्स अस्पताल, साकेत व डॉ. के वा किशोर ने दी।

उन्होंने बताया कि हार्ट हार्ट सर्जरी से ईलाज करना जोखिम भरा कदम है। लेकिन आज अनुसंधान के कारण हम एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प की ओर हैं।

उन्होंने कहा कि भारत में हार्ट की बीमारी बढ़ रही है। कारण यहां शुगर के मरीज अधिक हैं। अब नई तकनीक के ईजाद होने से बगैर हार्ट को ओपेन किये बिना उसे बदल सकते हैं। 

उन्होंने बताया कि इस तकनीकी से 90 साल उम्र के व्यक्ति भी इसका लाभ ले सकते हैं, जबकि पहले ऐसा संभव नहीं था। यह एक चमत्कारी प्रयोग है।

उन्होंने कहा कि हार्ट का समय पर ईलाज न होने पर शरीर की शक्तियां क्षीण होने लगती है। उसका सीधा असर हार्ट पर पड़ता है। 

उन्होंने कहा कि शरीर में एक हार्ट होती है, जबकि किड्नी दो होती है। ऐसे में हार्ट प्राप्त करने के लिए दिक्कतें होती थी। पर, अब आर्टिफिशियल हार्ट बनने से और उसका उपयोग होने से रिक्स कम हो गया है। उन्होंने अब तक 50 से ज्यादा वाल बदल चुके हैं।

उन्होंने बताया कि यह तकनीक 2002 में फ्रांस में प्रयोग किया गया था और 2011 में इसका लाइसेंस जारी हुआ। भारत में 2016 में लाइसेंस मिला। अब भारत की 2 कंपनियां इसे बनाने में जुटी है।       
उन्होंने बताया कि हार्ट् के सम्पूर्ण ईलाज में तकरीब 90  लाख खर्च होते हैं, लेकिन भविष्य में कम खर्च होंगे। कारण भविष्य में अधिकांश दिल के वाल्वों की मरम्मत या रिप्लेसमेंट बिना दिल के सर्जरी के होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नई तकनीक एक सुरक्षित प्रक्रिया, कम मृत्यु प्रतिशत, अस्पताल से जल्दी छुट्टी एवं स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर कम खर्च एवं हाई बोझ रिस्क मरीजों का बिना ऑपरेशन वाल्व रिप्लेसमेंट एक गेम चेंजर है।