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ग्रेटर नोएडा के जिम्स हॉस्पिटल के कर्मचारी प्रबंधन के तानाशाही रवैये पर भड़के, कर रहे विरोध
May 5, 2020 • सुरेश चौरसिया

नोएडा। ग्रेटर नोएडा के सबसे बड़े कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बेहतर साबित हो रहा जिम्स हॉस्पिटल के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोरोना के लिए बनाए गए आइसोलेशन सेंटर के बाहर हंगामा कर दिया।  हॉस्पिटल में 6 स्वास्थ्य कर्मी पॉजिटिव पाए जाने को लेकर जहां सवाल खड़े हो रहे हैं, वहीं जांच कराने को लेकर स्वास्थ्य कर्मी में काफी गुस्सा है।

आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को भोजन सही नहीं मिलता। वहीं उनका आरोप है कि हॉस्पिटल के डायरेक्टर का बेतुका बयान से वेे घबराहट महसूस  रहे हैं। वहीं, पॉजिटिव स्वास्थ्य कर्मियों से भी हॉस्पिटल में कराई जा रही ड्यूटी को लेकर वे सड़क पर निकल पड़े।

 आज जिम्स में सुबह से ही हंगामा चल रहा है। यहां बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी अपना काम छोड़कर सड़क पर आ गए हैं। बताया जा रहा है कि वे सभी कर्मचारी संविदा पर तैनात हैं। आरोप है कि जिम्स प्रबंधन कर्मचारियों को घटिया पीपीई किट देकर काम करा रहा है। जिसके चलते बीते दिनों 6 स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं कर्मचारियों का आरोप यह भी है कि रात दिन एक कर रहे कर्मचारियों को पर्याप्त खाना तक नहीं मिल रहा है। यदि कोई आवाज उठाता है तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।

जिम्स प्रबंधन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों द्वारा कहा जा रहा है कि कोरोना संक्रमित मरीजों के परिवार तक को क्वारंटीन करते हुए उनके घरों को सील कर दिया गया है। लेकिन उन्हें जिम्स का कर्मचारी तक नहीं बताया गया है। इसके अलावा कोरोना संक्रमित पाए गए संविदा कर्मियों में से कई हॉस्टल में अन्य स्टॉफ के साथ रह रहे थे। जहां से उन्हें क्वारंटीन किया गया है। लेकिन उनके संपर्क में आए अन्य स्टॉफ को ना तो क्वारंटीन किया जा रहा है और ना ही उनके टेस्ट कराए जा रहे हैं। जिसके चलते संस्थान में कार्यरत अन्य स्टॉफ भी भयभीत है।

उनका आरोप है कि सुरक्षा के लिए ग्लबस, मॉस्क आदि भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहे हैं। एक मॉस्क को 15 दिनों तक प्रयोग किए जाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वहीं सील्ड किट भी उन्हें नहीं दी जा रही है। जिसके चलते उनकी और उनके परिवार की जान को खतरे में डाला जा रहा है। वहीं प्रबंधन ने कर्मचारियों की कोरोना जांच कराने से पूरी तरह इंकार कर दिया है। यदि जांच कराई गई तो और भी कई कर्मचारी कोविड-19 संक्रमित पाए जाएंगे। जिसके विरोध में आज हम सभी काम छोड़कर बाहर आकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उधर, हॉस्पिटल प्रबंधकों का कहना है कि यदि उन्हें कोई समस्या है तो वो हमें लिखित में अवगत करा सकते हैं, उनकी समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। फिलहाल, जिला प्रशासन से अभी तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है, नहीं हॉस्पिटल की तरफ से।