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बिहार के होनहार युवा सुनील कुमार चल रहे अपने पिता के पदचिन्हों पर
April 28, 2020 • सुरेश चौरसिया

वाल्मीकि नगर। कहते हैं, होनहार बिरवान के, होत चिकने पात।' अपने पिता व सांसद स्व. वैद्यनाथ प्रसाद महतो की भांति सुनील कुमार आम जनता के बीच लोकप्रिय हैं। वे अपने पिता के साथ रहते हुए कई सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते रहे हैं, तो आज उनके कंधों पर अब पिता की तरह जमीन पर खड़े होना है और उनके अधूरे सपनों को पूरा करना है। चूंकि जनता के बीच उनकी बेदाग स्वच्छ छवि है। अतः वे आगे बढ़ेंगे, यही उम्मीद भी है। 

जननायक कर्पूरी विचार मंच के संयोजक सुनील कुमार वर्ष 2014 से गरीब लड़के एवं लड़कियों का सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन जननायक कर्पूरी ठाकुर के जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर आयोजन करते हैं। इस विवाह कार्यक्रम में पूरे वाल्मीकि नगर लोकसभा क्षेत्र तथा पश्चिमी चंपारण जनता जनता भाग लेती है और निर्धन असहाय एवं गरीब लड़के और लड़कियों का विवाह पूरे रीति रिवाज के साथ कराया जाता है। प्रत्येक वर्ष 10 जोड़ों का शादी सुनील कुमार के सहयोग से किया जाता है। सुनील कुमार हमेशा किसी भी तरह की आपदा में गरीब जनता के बीच उपस्थित रहते हैं तथा हर संभव जनता की मदद करते हैं।

उनके पिता स्वर्गीय बैद्यनाथ प्रसाद महतो बिहार सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री तथा वाल्मिकी नगर लोकसभा क्षेत्र से दो बार सांसद रहे हैं। वाल्मिकी नगर लोकसभा सांसद के निधन के बाद सुनील कुमार को जनता सांसद देखना चाहती है। प्रत्येक वर्ष शादी समारोह में बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार वर- बधू को आशीर्वाद देने के लिए सम्मिलित होते हैं ।

सुनील कुमार का एक परिचय

 सुनील कुमार का जन्म 7 जुलाई 1984 को बहोरनपुर (पश्चिमी चंपारण) में हुआ था। इन्होंने स्नातक की पढ़ाई (पश्चिमी चंपारण) के एमजेके कॉलेज से किया।
 बचपन से ही इनकी रुचि सामाजिक कार्यों में रही । मैट्रिक पास करने के बाद इन्होंने छात्र संघ का गठन किया जिसके तहत  26 जनवरी और 15 अगस्त को सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।
 जब इनके पिता ने चंपारण में बढ़ रहे अपराध के खिलाफ शहीदी जत्था का गठन किया था तो उसमें इनकी काफी रुचि रहती थी तथा उस आंदोलन से जुड़े व्यक्तियों के  साथ आदर भाव में हमेशा लगे रहते थे।
सन 1999 में स्वर्गीय बैद्यनाथ प्रसाद महतो  ने जाति तोड़ो जमात जोड़ो मुहिम के अंतर्गत साइकिल रैली का आयोजन बैरिया के पूजहा और नौतन प्रखंड के जगदीशपुर हाई स्कूल किया था, उसमें भी इन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई थी।
 सन 1998 में जगदीशपुर के हाई स्कूल में कुशवाहा सम्मेलन का आयोजन इनके पिता स्वर्गीय बैजनाथ प्रसाद महतो के द्वारा किया गया था, जिसमें बिहार के महत्वपूर्ण लोग हिस्सा लिए थे। इन्होंने उस कार्यक्रम में स्वागत गीत गाकर अतिथियों का स्वागत किया था।
 सन 2000 में बिहार में बढ़ते अपराधों के विरोध में उनके पिता बैद्यनाथ प्रसाद महतो ने बेतिया के राज कचहरी में परिवर्तन रैली का आयोजन किया था जिसमें उस समय के तत्कालीन केंद्रीय कृषि मंत्री नीतीश कुमार सम्मिलित हुए थे तथा राजद सरकार के खिलाफ परिवर्तन का बिगुल फूंका था, उसमें भी सुनील कुमार ने बढ़- चढ़कर हिस्सा लिया था।

सन 2000 में स्वर्गीय वैद्यनाथ प्रसाद महतो ने किसानों की मांग को लेकर विधानसभा के सामने आमरण अनशन पर बैठे थे, उस समय यह पटना में रहकर पढ़ाई करते थे तथा अनशन में सम्मलित व्यक्तियों के आवभगत में लगे रहते थे।सन 2005 में जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे उससे पहले ही इनके पिता ने पश्चिमी चंपारण को अपराध मुक्त कर दिया था।

सुनील कुमार की रुचि बचपन से ही समाज में बदलाव के लिए रहे तथा जब भी इनको मौका मिला, उन्होंने उसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और युवाओं को भी प्रोत्साहित किया।  सभी को मिलकर के समाज को आगे बढ़ाने में एक दूसरे  सहयोग करना चाहिए। वे उसी के तहत आज भी समाज कल्याण के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। यह उम्मीद की जा रही है कि वे अपने पिता के संसदीय सीट पर चुनाव जंग में शामिल होकर इतिहास का सृजन करेंगे।