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भाजपा नेताओं ने पुलिस के खिलाफ खोला मोर्चा, सेक्टर 24 थाने पर दे रहे धरना, सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ाई धज्जियां
June 4, 2020 • सुरेश चौरसिया

नोएडा। आज नोएडा में भाजपा नेताओं ने पुलिस के खिलाफ सेक्टर 24 थाने पर धरना दे रहे हैं। दरअसल भाजपा के ही केंद्र और राज्य में सरकार है। केंद्र सरकार का नेतृत्व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं तो उत्तर प्रदेश सरकार का नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। बावजूद नोएडा के भाजपाइयों को पुलिस प्रशासन के न्याय व्यवस्था पर भरोसा टूटा तो वे सेक्टर 24 थाने पहुंच गए और हंगामा करते हुए धरनारत हो गए।

दरअसल, भाजपा कार्यकर्ता चौड़ा निवासी नरेश शर्मा को पुलिस ने एक मामले में गिरफ्तार किया तो भाजपाइयों को नागवार गुजरा। फिर जिला अध्यक्ष मनोज गुप्ता के नेतृत्व में दर्जनों भाजपाई थाने पर जुट गए और पुलिस पर खासा दबाव बनाया। जब पुलिस ने अपने कदम खींचने से मना कर दिया तो भाजपाई तेवर में आ गए और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए धरने पर बैठ गए।

मामले की खबर मीडिया में पहुंची तो राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई। मामले की परत उधेड़नी हो गई। नरेश शर्मा ने खुद ट्वीट किया कि ड्यूटी समय में होटल सिटी स्टे सेक्टर 22 नोएडा में डेली सोना एवं टूटी नंबर प्लेट गाड़ी यूज़ करना क्या चौकी इंचार्ज सेक्टर 12 22 कोतवाली सेक्टर 24 नोएडा के लिए कोई कानून नहीं है ?

नरेश शर्मा ने इस बाबत कई ट्वीट किए हैं। एक ट्वीट में कहा कि अगर पुलिस ड्यूटी के बजाय होटल में सोएगी तो नोएडा में अपराध कैसे रुकेंगे?  बहरहाल भाजपाइयों ने पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। थानेे के बाहर नारेबाजी भी की गई ।

भाजपा का आरोप है कि पुलिस ने नरेश शर्मा को गलत तरीके से केस में फंसाया है और गिरफ्तार किया है। पर जिस तरीके से भाजपाइयों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया है उसे सवाल भी खड़े हो गए हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन को भी ख्याल न करना भाजपा के जिलाध्यक्ष मनोज गुप्ता सहित कई अन्य पर भारी पड़ सकता है। भाजपा जिला अध्यक्ष की पुत्री खतरे में पड़ सकती है। इन भाजपाइयों को सांसद व विधायक का सीधा स्पोट न मिलना भी चौंकाया है। 

उधर सीपी आलोक सिंह मामले पर नजर रख रखा है। पुलिस का कहना है कि कानून का उल्लंघन पर कार्रवाई होगी। पर सवाल खड़ा है कि अगर कोई विपक्षी दल होता या सामान्य आदमी होता तो पुलिस इतना देर नहीं लगाती और वह उसे हवालात में बंद कर देती। लेकिन सत्ता में हनक है तो पुलिस देर कर रही है। पुलिस आगे की कार्रवाई हेतु आदेश का इंतजार कर रही है।

इस बाबत कांग्रेसी नेता पुरुषोत्तम नागर ने कहा कि सत्ता की हनक दिख रही है। सामाजिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ गई है। अगर हम कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने किसान मजदूर की बात उठाया होता तो सीधे जेल भेज दिए गए होते।

समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता राघवेंद्र दुबे ने तंज कसते हुए कहा कि सेक्टर 24 थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोग सपा, बसपा, कांग्रेस के नहीं है बल्कि यह भाजपा नोएडा महानगर के नेता हैं जिनकी सरकार केंद्र और राज्य दोनों में है। भाजपा नेता अपने पार्टी के कार्यकर्ता को गिरफ्तार करने के विरोध में अपनी सरकार और पुलिस के खिलाफ धरना दे रहे हैं। जब सत्ताधारी ओं का यह हाल है तो आम आदमी का क्या होगा?सोशल डिस्टेंसिंग की तो खूब धज्जियां उड़ाई गई। इस दौरान पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई। सोशल मीडिया पर लोग जमकर भड़ास निकाल रहे हैं। 

हालांकि काफी मान-मनौअल के बाद प्रदेश अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद भाजपाइयों का धरना खत्म होने की खबर आ गई है।