इंतजार का सामना करना पड़ता था। अब जनपद में इस कमी को दूर कर कोरोना संक्रमित की जांच की जाएगी।
 
इससे यहां कोविट- 19 संक्रमितों की पहचान करने में और आसानी होगी। जिलाप्रशासन ने इसके लिए शनिवार को नोएडा सेक्‍टर -62 स्‍थित नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ बॉयोलोजिकल (एनआईबी) से एक समझौता किया है। इसके अलावा संक्रमितों के जांच के लिए ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुविज्ञान संस्‍थान  (जिम्‍स) और सुपर स्‍पेशलिटी चाइल्‍ड पीजीआई में भी लैब बनाया जा रहा है।
  जिम्‍स में रविवार को लैब चालू हो जाएगा। यह जानकारी जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने शनिवार दोपहर तीन बजे सेक्‍टर- 6 इंद्रिरा गांधी कला केंद्र में पत्रकार वार्ता में दी।
जिलाधिकारी  ने बताया कि संक्रमितों के जांच के लिए जिला प्रशासन और एनआईबी के बीच शनिवार को एक समझौता हुआ है, जिसके तहत अब गौतमबुद्धनगर के संक्रमितों की जांच एनआईवी सेक्‍टर-62 स्‍थित प्रयोगशाला में करेंगी। इससे अब जनपद के किसी भी संक्रमित के जांच के नमूने मेरठ, अलीगढ़, आदि जांच केंद्रों नहीं भेजने पड़ेंगे।
 
जिलाधिकारी ने बताया कि इसके अलावा जनपद में जिम्‍स में 46.22 लाख और सुपर स्‍पेशलिटी चाइल्‍ड पीजीआई में 65 लाख की मदद से लैब का निर्माण किया जा रहा है। रविवार शाम तक ग्रेटर नोएडा जिम्‍स और अगले दो दिनों में चाइल्‍ड पीजीआई में लैब बनकर तैयार हो जाएंगे, जिसके बाद दोनों स्‍थानों पर भी जांच शुरु कर दिए जाएंगे।
 अभी तक जनपद में ऐसे गंभीर केस नहीं मिले है, जिन्हें वेंटीलेटर पर रखा जाए।
 
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में मास्‍क, सेनेटाइजर इत्‍यादि वस्‍तुओं की कोई कमी नहीं है। जिलाधिकारी ने बताया कि अभी तक जनपद में 64 संक्रमित मरीज हैं, इसमें 12 मरीज ठीक हो चुके हैं। इन सभी मरीजों के अंतिम जांच के लिए भेज दिया गया है, इसमें पांच लोगों के पहले जांच के नमूने नकारात्‍मक रहे है। इन लोगों को दोबारा जांच के लिए नमूने भेजे जाएंगे।